उजियारवंशम
उजियारवंशम छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के चचेड़ी नामक गांव के तिवारी परिवार की एक सामुदायिक वेबसाइट है जिसकी स्थापना इस परिवार के देश एवम दुनिया में निवास कर रहे समस्त सदस्यों को आपस में जुड़े रहने के लिए एक वर्चुअल प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाना है।
चचेडी के तिवारी परिवार के सदस्यों के इस गांव में आकर बसने वाले प्रथम पूर्वज का नाम उजियार तिवारी था ।
उजियार तिवारी आज से लगभग 300 वर्ष पूर्व पूर्वी उत्तरप्रदेश के पीड़ी नामक स्थान से छत्तीसगढ़ आए थे । वे सबसे पहले बेमेतरा के समीप खमहरिया के पास टिपनी गांव में शुरू में रहे फिर वहां से चचेड़ी आए । जब वे चचेड़ी आए तब उनकी छत्तीसगढ़ में दूसरी पीढ़ी थी।वे चचेड़ी के अतिरिक्त बिपतरा, सिंघनपूरी, थुनुपार, बिटकुली, फांदातोड़ आदि कई ग्रामों के मालगुजार थी। समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और वर्तमान में उजियार के वंशजों के पास केवल चचेड़ी गांव में ही जमीन रह गई है।इस वंश का एक परिवार छत्तीसगढ़ में ही बेमेतरा जिले के बलौदी नामक गांव में बस गया ।
वर्तमान समय में बलौदी के बाद इस वंश के पतिपय सदस्य दाढ़ी, परपोड़ी आदि गांवों के साथ ही रायपुर , दुर्ग, कवर्धा आदि शहरों एवम उच्च तथा विशेषीकृत शिक्षा ग्रहण करने पश्चात काम के सिलसिले में देश के अन्य राज्यों के शहरों में भी बस गए हैं ।
इस तरह से अब उजियार तिवारी के वंशज केवल चचेड़ी गांव तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि उनका विस्तार पैन इंडियन सा हो गया किंतु ये सभी अपने पूर्वज ग्राम चचेड़ी से गर्व के साथ जुड़े हैं, जुड़े रहना चाहते हैं।
उनकी इसी ललक से ही उजियारवंशम वेबसाइट का सृजन हुआ है। इसमें धीरे धीरे उजियार के वंशजों से जुड़ी हुई भांति भांति सूचनाओं का संकलन कर उन्हे अपलोड किया जाएगा और सदस्यों के सामाजिक,सांस्कृतिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी स्थान दिया जाएगा।
सन 1973 में एक शोधार्थी द्वारा चचेड़ी के इस वंशजों पर एक शोध अध्ययन किया गया था जिसमे लगभग दो दर्जन परिवारों के यहां रहने का उल्लेख किया गया है जो संख्या सिमटकर अब मात्र 5 रह गई हैं।यह इस वंश के लोगों के भारी संख्या में अन्यत्र जाकर बसने की पुष्टि करता है।
आरंभ में वेबसाइट पर उजियार वंशजों पर प्रत्येक सदस्य के संदर्भ में परिचयात्मक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।आमतौर पर वंशावलियो में महिला सदस्यों को छोड़ दिया जाता है किंतु इस वेबसाइट में दिए गए परिचय में एक महत्वपूर्ण प्रस्थान अंकित है।यह प्रस्थान है परिवार के महिला सदस्यों अर्थात बहन, बेटियों एवम उनके परिवार को भी स्थान दिया जाना ।
परिवार परिचय में वर्तमान में प्रत्येक परिवार इकाई की पीढ़ी के वरिष्ठतम चरण से आरंभ उनकी सभी पीढ़ी के संततियों को स्थान दिया गया है।
इस वेबसाइट को उजियारवंश के ही एक किशोर वेब डिजाइनर सात्विक तिवारी ने तैयार किया है तथा इसकी पूर्णता के लिए समर्पण के साथ जुड़े हुए हैं। श्रियम के नाम से परिवार में संबोधित सात्विक उजियार वंश के वरिष्ठ सदस्य कौशल शर्मा के पोते और विधान तथा तूलिका के पुत्र हैं।इस वेबसाइट की रचना क्रियान्वयन तथा समन्वयन उजियारवंशज अशोक तिवारी द्वारा किया जा रहा है।उन्हीं की संकल्पना और समन्वयन में उजियारववंशजों के परिचय की डायरेक्टरी को तैयार किया जा रहा है।
वसंत पंचमी दिनांक 14 फरवरी 2024 को इस वेबसाइट को लांच किया जा रहा है।इसके विविध अध्याय अभी निर्माण की अवस्था में हैं जिन्हे सदस्यों के सहयोग से क्रमवार पूर्ण किया जाएगा।
आशा है यह प्रयास उजियारवंश के सभी सदस्यों और अन्य पाठकों को पसन्द आयेगा।
उजियार तिवारी की दूसरी पीढ़ी के चचेड़ी आने की बात कही जाती है। इस स्थिति में अबकी पीढ़ी दशवी पीढ़ी है। आमतौर पर एक पीढ़ी की गणना पच्चीस-तीस वर्ष की जाती है।अतः उजियार तिवारी के चचेड़ी आगमन को सीधे रूप से २५० से ३०० माना जा सकता है।